महर्षि आलोक आनंद का जन्म बिहार के पावन जनपद पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में हुआ। बचपन से ही उनका मन आध्यात्म, साधना और ईश्वर-चिंतन की ओर आकर्षित था।
युवा अवस्था में उन्होंने अघोर पंथ में दीक्षा ग्रहण की और आत्मज्ञान की खोज में भारत के विभिन्न तीर्थों, पर्वतों, जंगलों, सिद्धपीठों तथा श्मशानों का वर्षों तक भ्रमण किया। कठोर तप, ध्यान और साधना के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन को पूर्णतः आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित कर दिया...
महर्षि आलोक आनंद जी के दिव्य मार्गदर्शन में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रश्नों, संशयों और समस्याओं का आध्यात्मिक समाधान प्राप्त करें।
हाथों की रेखाओं के सूक्ष्म अध्ययन से आपके अतीत, वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं का सही और सटीक आंकलन।
चेहरे के भावों, ललाट की रेखाओं और मुखाकृति के अध्ययन से स्वभाव, अंतर्मन और चरित्र की गहरी पहचान।
जन्म कुंडली का वैदिक ज्योतिष के आधार पर निर्माण, ग्रहों की दशा का विश्लेषण और जीवन के उतार-चढ़ावों का समाधान।
प्राचीन शास्त्रों के अनुसार तंत्र, मंत्र व यंत्र साधनाओं का सही विधि-विधान से सुरक्षित और सात्विक मार्गदर्शन।
भीतर स्थित सुषुप्त ऊर्जा (कुंडलिनी) को जागृत करने के लिए ध्यान, प्राणायाम और चक्र साधना का प्रामाणिक मार्गदर्शन।
पारिवारिक, मानसिक, व्यावसायिक या स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं में सकारात्मक दिशा और आध्यात्मिक परामर्श।
नकारात्मक शक्तियों, ऊपरी हवाओं और अज्ञात भय से सुरक्षा के लिए सात्विक अनुष्ठान और रक्षा कवच विधान।
मन की चंचलता को शांत कर अपने भीतर छिपे परमात्मा के स्वरूप को पहचानना ही जीवन का परम लक्ष्य है। ध्यान ही परम सत्य तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है।
बिना किसी फल की इच्छा के अपना कर्तव्य करते रहना ही सच्ची पूजा है। कर्म की शुद्धता ही मनुष्य को बंधनों से मुक्त कर आनंद का अनुभव कराती है।
सभी जीवित प्राणियों में एक ही ईश्वर का वास है। इसलिए प्राणिमात्र के प्रति प्रेम, सहानुभूति और दया का भाव रखना परम आवश्यक कर्तव्य है।
माँ गुरु आश्रम और पूज्य महाराज जी के मार्गदर्शन से श्रद्धालुओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव और दिव्य अनुभूतियां।
"महाराज जी से हस्तरेखा दर्शन और जीवन की समस्याओं पर प्राप्त मार्गदर्शन से मेरे व्यापार और मानसिक तनाव में अभूतपूर्व सुधार आया है। उनका सान्निध्य ही कल्याणकारी है।"
"कुंडलिनी जागरण और ध्यान के नियमित सत्रों से मेरे जीवन को एक नई आध्यात्मिक दिशा मिली है। यहाँ आकर मन को अद्भुत शांति का अनुभव होता है।"
"हमारे परिवार को काफी समय से अज्ञात भय और नकारात्मक ऊर्जा ने परेशान किया था। महाराज जी के सात्विक अनुष्ठान और सुरक्षा कवच से आज हम पूरी तरह मुक्त और सुखी हैं।"
संतों और ऋषियों का आश्रम जनकल्याण का मार्ग है। आपके द्वारा किए गए दान का उपयोग मानव कल्याण, भोजन वितरण और धार्मिक कार्यों में किया जाता है।
बैंक: भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
खाता धारक: महर्षि आलोक आनंद फाउंडेशन
खाता संख्या: 900000000000
IFSC कोड: SBIN0000000